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पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने प्रदेश सरकार के बजट को निराशा जनक बताया। 

पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने प्रदेश सरकार के बजट को निराशा जनक बताया।

मसूरी। उत्तराखंड सरकार द्वारा गैरसैंड में आयोजित बजट संत्र को निराशा जनक बताया जिसमें सरकार ने जो जबाव दिया उसमें गंभीरता नहीं थी। 90 प्रतिशत बजट नॉन प्लान पर खर्च होता है, व दस प्रतिशत स्वास्थ्य, सड़क बिजली पानी, भले ही एक लाख 11 करोड का बजट था जिसमें दस प्रतिशत भी विकास के लिए नहीं था। पांच दिन में बजट रखना गंभीरता नहीं है उत्तर प्रदेश में एक महीना बजट सत्र चलता था। तीस से पैतीस विभाग ऐसे है जिन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए थी, अगर खानापूर्ति होनी थी व ऐसे ही बजट पास होना था तो यह बेकार है। हर विभाग पर चर्चा होनी चाहिए थी। मसूरी से चुनाव लड़ने पर कहा कि वह प्रदेश के कई विधानसभाओं में सक्रिय है हर जगह जा रहे है, ऐसे में पार्टी जो आदेश करेगी उसका पालन किया जायेगा। मेरे दौरे लगातार प्रदेश में हो रहे है। यहां के मत्री को अपने विभाग के बारे में ही पता नहीं है कि कितना अनाज होना है कम से कम अनुमानित तो बोलना चाहिए था। पार्टी कहेगी तो मसूरी से लडूंगा, गणेश जोशी तो धामी के समय बना मै तो 27 साल में उत्तर प्रदेश में मंत्री बन गया था गणेश जोशी तो बूढापे में मंत्री बने। कम समय में दिलीप रावत के पिता को दो बार दस दिन में हराया, अपने साडू मातवर सिंह कंडारी को हराया, मेरे पास कई मंत्रालय रहे करीब 11 विभाग थे, तब रोज गणेश जोशी मेरे दरवाजे पर आते थे, व युवा मोर्चा का अध्यक्ष मैने प्रकाश सुमन ध्यानी व दिनेश शर्मा के कहने पर बनाया। यह सरकार खनन व भू माफियाओं की सरकार है, पचास प्रतिशत खुला कमीशन चल रहा है बाहर के लोगों को यहां का सर नेम लगाकर वसूली कर रहे है, शराब, क्रेशर में भारी घपला है, एक दिन में खनन का पटटा दिया जा रहा है, पटरी वालों की प्रदेश में कई जगह लड़ाई लड़ी, यहां भी आये व समर्थन किया। इस बार प्रदेश में कांग्रेस की लहर चल रही है व 2027 में सरकार कांग्रेस की बनेगी। उन्होंने मसूरी में तहसील न बनने पर कहा कि मसूरी में तहसील न बनना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है, शिव मंदिर पर बैलीब्रिज अभी वैसा ही है जबकि दूसरा बनाया जाना चाहिए था नया पुल कब बनेगा पता नहीं। मसूरी के लिए मंत्री जोशी ने 15 साल में क्या किया बतायें। रोपवे की बात सालों से चल रही है, रोपवे बन गया होता तो पर्यटकों को आसानी होती। स्वास्थ्य में आयुष्मान फेल हो गयी है, सस्ती लोकप्रियता से किया व अब गोल्डन कार्ड पर भी इलाज नहीं मिल रहा है। गैरसैण राजधानी बने लेकिन पहले ढाचां तैयार करने में समय लगेगा।

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