- नगर पालिका बोर्ड बैठक में 64 करोड़ 29 लाख 70 हजार का अनुमानित बजट प्रस्तुत।
- व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पालिका द्वारा लाइसेंस शुल्क लगाये जाने के प्रस्ताव का व्यापार संघ ने विरोध किया।

मसूरी। नगर पालिका परिषद की बैठक में वर्ष 2026-27 का अनुमानित मूल बजट प्रस्तुत किया गया जिसमें कुल अनुमानित आय 64 करोड़ 29 लाख 70 हजार के सापेक्ष ें 64 करोड, 19 लाख का व्यय प्रस्तुत किया गया है व पालिका का संभावित बचत 10 लाख 70 हजार प्रस्तावित है। वहीं बोर्ड बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये।
नगर पालिका बोर्ड बैठक पालिका सभागार में पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी की अध्यक्षता में आयोजित की गयी बोर्ड बैठक में पालिका क्षेत्रांतर्गत भवन कर स्वामियों के समय पर कर भुगतान न करने पर 10 प्रतिशत अर्थदण्ड लगाने, पालिका क्षेत्रातर्गत सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस शुल्क लगाने, नवीन पंचवर्षीय कर निर्धारण करने, पालिका प्रांगण में अतिक्रमण अभियानों के तहत जब्त सामग्री की नीलामी करने, पालिका में कार्यरत लाइनमैन एवं वाहन संचालकों का पांच लाख का बीमा करने, आदि के प्रस्ताव पास किए गये। इन प्रस्तावों पर पालिका परिषद सदन में सभासदों ने अपने मत रखे व सुझाव दिए वहीं कुछ प्रस्तावों का विरोध किया गया। सभासद गीता कुमाई ने विलंबित कर भुगतान पर बीस प्रतिशत अधिभार लगाने का विरोध किया व कहा कि इससे व्यापारियों व जनमानस पर अतिरिक्त बोझ पडेगा, उन्होंने प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज की वहीं उन्होंने व्यापारियों पर लाइसेंस शुल्क लगाने का विरोध किया व कहा कि व्यापारी लंबे समय से परेशान है पहले कोविड, अब गैस की कमी, बढती मंहगाई के कारण पहले ही आर्थिक रूप से दब चुका है ऐसे में लाइसेंस शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज करवार्यी। वहीं कहा कि पालिका आय के स्रोत बढाने के लिए अन्य स्तर पर व्यावहारिक उपाय करे। बोर्ड बैठक में पालिका की संपत्तियों का सर्वे कर भूमि का संपूर्ण लेखा जोखा बनाये जाने का प्रस्ताव पास किया गया। वहीं बोर्ड बैठक में सभासद पवन थलवाल ने बोर्ड की पहली बैठक में पालिका की पांच सपत्तियों के प्रस्ताव को टर्न डाउन करने के बाद उन पर कार्रवाई न किए जाने पर सवाल खडे ेकिए जिसमें मसूरी झील, ईको टैक्स कोल्हूखेत, झूलाघर कैंटीन, पेट्रोल पंप, आदि सपत्तियां शामिल है। बोर्ड बैठक में लार्ड शिवा की कार्य प्रणाली पर सवाल खडे किए गये, वहीं गर्ग डिस्पेंसरी पर भी सवाल पूछे गये व कहा गया कि अगर उच्च न्यायालय में उनके अधिवक्ता पैरवी नहीं कर रहे है तो उन्हें बदला जाय। बोर्ड बैठक में समान कार्य करने वाले संविदा कर्मियों का समान वेतन पर पांच सदस्यीय कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि बैठक में 16 एजेंडे रखे गये थे जिसमें चर्चा के बाद सभी को पास किया गया। बजट पर सभी ने सहमति प्रदान की। वहीं एमडीडीए पार्किग में पालिका बाजार बनाया जायेगा व जो छूट जायेगे उनके लिए अन्य स्थानों को चयनित किया जायेगा। बैठक में व्यासायिक प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस लगाया जायेगा ताकि उनका आंकड़ा पालिका के पास रहे वहीं जो भवन स्वामी लंबे समय से टैक्स नहीं दे रहे उन पर अर्थदण्ड लगाने का निर्णय लिया गया। आगामी 15 दिनों में सड़कों व शौचालयों की दशा में सुधार किया जायेगा। लाइब्रेरी में लगाई गयी चेन को हटाया जायेगा। इस मौके पर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, रजनीश डोबरियाल, कार्यालय अधीक्षक चंद्र प्रकाश बडोनी, कर अधीक्षक अनिरूद्ध चौधरी, स्वास्थ्य निरीक्षक विरेद्र बिष्ट, सभासद गौरी थपलियाल, शिवानी भारती, बबीता मल्ल, विशाल खरोला, नीतू सिंह, रूचिता गुप्ता, अमित भटट, गीता कुमाई, पवन थलवाल, सचिन गुहेर, रणवीर कंडारी, पंकज खत्री, जसबीर कौर सहित अधिकारी मौजूद रहे।
व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर पालिका द्वारा लाइसेंस शुल्क लगाये जाने के प्रस्ताव का व्यापार संघ ने विरोध किया।
मसूरी। नगर पालिका परिषद बोर्ड बैठक में व्यवसायियों पर प्रस्तावित नए लाइसेंस, पंजीकरण और शुल्क का मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के सभी सदस्य और पदाधिकारियों ने कड़ा विरोध किया है।
मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कहा कि व्यापरियों पर तरह-तरह के लाइसेंस, पंजीकरण और अनेक शुल्क पहले से ही तय हैं, ऐसे में एक नया पंजीकरण और शुल्क एक अतिरिक्त बोझ है और व्यापारीगण का शोषण और उत्पीड़न है। उन्होंने बताया कि व्यापरियों पर पहले से ही शॉप एंड एस्टेब्लिशमेंट लाइसेंस, शॉप एक्ट, श्रम विभाग के पंजीकरण, एफएसएसएआई के माध्यम से फूड लाइसेन्स, माप नाप बाट तोल, माप नाप विज्ञान, लाइसेंस, जी.एस.टी, राज्य और केन्द्र सरकार के टैक्स, मंडी उत्पादन पर मंडी शुल्क, हाउस टैक्स, नगर पालिका द्वारा कूड़ा प्रबंधन शुल्क, उद्योग आधार, सरकार द्वारा उद्यम पंजीकरण, अग्नि शमन विभाग द्वारा अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र शुल्क, कर्मचारी राज्य बीमा निगम ईएसआइसी पंजीकरण, प्रॉविडेंट फंड पीएफ पंजीकरण, – पब्लिक परफॉर्मेंस लाइसेंस पीपीएल, पर्यटन विभाग द्वारा उत्तराखंड ट्रैवल ट्रेड पंजीकरण, होम स्टे पंजीकरण, नगर पालिका द्वारा लोजिंग लाइसेंस, और कई अन्य पाबंदियां और सख्त निर्देश पहले से व्यापारी झेल रहे हैं, ऐसे में कोई भी नया शुल्क परेशानी बढ़ायेगा और अर्थव्यवस्था में बाधक होगा। इस संबंध में व्यापारियों के द्वारा शीघ्र पालिका में जाकर विरोध दर्ज कराया जायेगा।




