एसडीएम ने वेंडर जोन चयनित करने को निरीक्षण किया व कहा एक माह में वेंडर जाने बनेगा।

मसूरी। मालरोड से हटाये गये वेंडरों के लिए वेंडर जोन बनाने के लिए प्रशासन ने तेजी कर दी है व इसके तहत मसूरी झील पर लोक निर्माण विभाग, वन विभाग, मसूरी देहरा विकास प्राधिकारण, नगर पालिका व नायब तहसीलदार के साथ वेंडिग जोन बनाने के लिए स्थल का निरीक्षण किया वहीं अन्य स्थानों पर भी निरीक्षण किया जा रह है ताकि उन्हें चयनित स्थानों पर विस्थापित किया जा सके।
मसूरी झील पर एसडीएम के नेतृत्व में वेंडिग जोन के लिए स्थान का निरीक्षण किया गया, जिससे पटरी व्यवसायियों में उम्मीद जग रही है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हो पायेगा। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि यहां पर कितने लोगों को विस्थापित किया जा सकता है। पटरी वालों को रोजगार चल सके इसके लिए मसूरी झील उपयुक्त स्थान है व यहां पर हर समय पर्यटकों की आवाजाही भी बनी रहती है। जिससे पटरी व्यापारियों का रोजगार भी सुचारू रूप से चल पाएगा। शासन प्रशासन द्वारा लगातार पटरी व्यापारियों को विस्थापित करने का कार्य किया जा रहा है और इसके लिए विभिन्न स्थानों पर सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है ताकि पटरी व्यवसाययों को विस्थापित किया जा सके। उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि वेंडिंग जोन बनाने की संभावनाएं पूरे शहर में तलाश की जा रही है और मसूरी झील नगर पालिका के स्वामित्व की है यहां पर अधिक से अधिक वेंडर को समायोजित किया जा सकता है और इसके साथ ही कार पार्किंग को भी बढ़ाया जा सकता है ताकि यहां पर अधिक से अधिक वाहन पार्क किया जा सके और वेंडर्स भी अपना व्यापार सुचारू रूप से चला पाए। उन्होंने कहा कि इसका नक्शा बनाया जायेगा ताकि देखा जायेगा कि यहां पर कितने लोगों को विस्थापित किया जा सकता है उसके बाद संबंधित विभागों को अनापत्ति लेकर वेंडर जोन बनाया जायेगा। यह नगर पालिका की पार्किग है जहां पर पार्किग भी रहेगी व वेंडरों को भी समायोजित किया जा सकेगा। इसके साथ ही कंपनी बाग व लंढौर रोड पर भी स्थान चिन्हित किया गया है व विभागों से अनापत्ति ली जा रही है व एक माह में यह सभी कार्रवाई पूरी कर वेंडर जोन बनाया जायेगा। इस मौके पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा सहित वन विभाग, मसूरी देहरा विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।




