नगर पालिका की टीम ने मालरोड पर चलती दो बिना नंबर के स्कूटी पकड़ी।

मसूरी। पर्यटन नगरी में रैंटल स्कूटियों से जहां पूरा शहर परेशान है वहीं अब मालरोड सहित अन्य स्थानों पर बिना नंबर की स्कूटियां चलाई जा रही हैं ताकि उसे प्राइवेट मान कर मालरोड पर संचालित किया जा सके। ऐसे में नगर पालिका की टीम ने दो स्कूटियां बिना नंबर प्लेट के पकड़ी है, जिसकी सूचना आरटीओ विभाग को भेज दी गयी है।
पर्यटन नगरी पहले ही जाम की समस्या से जूझ रही है वहीं अब रैंटल स्कूटियों के लगातार बढने से समस्या और गंभीर होती जा रही है। लाइब्रेरी चौक हो या पिक्चर पैलेस लंढौर मार्ग या अन्य मार्ग हो सभी जगह रैंटल स्कूटियां खडी होने से जाम लगने की समस्या बढती जा रही है, रैंटल स्कूटियों के लिए आरटीओ विभाग की ओर से नियम बनाये गये हैं, लेकिन शायद बहुत कम ही रैंटल स्कूटियों के पास मानक पूरे हों। अधिकतर स्कूटियां रोड के किनारे खडी रहती है। समय समय पर आरटीओ विभाग चैकिगं करता है, चालान काटता है, स्कूटियों को सीज करता है उसके बावजूद रैटल स्कूटी वाले बाज नहंी आ रहे। अब रैंटल स्कूटी वालों ने नये तरीके ढूढ लिए है। मालरोड पर रैंटल स्कूटी प्रतिबंधित है लेकिन अब रैंटल स्कूटी संचालक स्कूटियों से नंबर प्लेट हटा कर मालरोड पर चलवा रहे हैं, ताकि किसी को पता न चले। इसी कडी में नगर पालिका की टीम ने मालरोड से दो स्कूटियां बिना नबर के पकड़ी है जो रैंटल है, जिन्हें पालिका ने अपने कब्जे मंे लेकर आरटीओ विभाग को इसकी सूचना भेज दी है। आश्चर्य होता है कि जब मालरोड पर रैंटल स्कूटी प्रवेश नहीं कर सकती तो ये स्कूटिया मालरोड तक कैसे पहुंच जाती है, कई स्कूटियां बिना नंबर के चल रही है वहीं कई स्कूटियों में प्राइवेट नंबर है ताकि उन्हें लोकल समझ कर छोड दिया जाय। लेकिन पालिका की सख्ती से दो स्कूटियों पकड़ी गयी है अगर इसी तरह पालिका सख्ती करे तो इन पर लगाम लगायी जा सकती है।




